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अंबुजा अडानी सीमेंट सयंत्र स्थानीय बेरोजगार युवकों की कर रही उपेक्षा, अन्य राज्यों के लोगों को मिल रही प्राथमिकता

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छतीसगढ़- अर्जुनी जिला मुख्यालय से 11 किलोमीटर की दूरी पर सीमेंट संयंत्र क्षेत्र ग्राम रवान के अम्बुजा ‌अडानी सीमेंट संयंत्र में स्थानीय युवा बेरोजगारों के साथ उपेक्षा किया जा रहा है।इतना ही नही स्थानीय मजदूरों को संयंत्र में काम नहीं दिया जा रहा है , संयंत्र के अधिकारियों के द्वारा बाहरी ठेकेदारों से साठ गांठ कर सभी राज्यों से आने वाले मजदूरों को संयंत्र में प्राथमिकता दिया जा रहा है।

अंबुजा अडानी सीमेंट संयंत्र में बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों की संख्या लगभग 800 से 1200 है वही स्थानीय मजदूरों की संख्या संयंत्र में नाम मात्र है। गांव के स्थानीय मजदूरों के द्वारा जब भी काम मांगा जाता है तो ठेकेदार द्वारा यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि एच आर एम हेड द्वारा द्वारा स्थानीय मजदूरों को काम में रखने से माना किया गया है जब तक एच आर एम हेड नहीं बोलते तब तक हम स्थानीय मजदूरों को काम में नहीं रख सकते अगर आपको काम करना है तो एच आर एम से लिखवा कर लाना होगा। ठेकेदारों के इस दोहरे रवैये से स्थानीय युवा बेरोजगारों में काफी रोष व्याप्त है।

ज्ञात हो कि ग्राम रवान के अंबुजा सीमेंट संयंत्र द्वारा अपने संयंत्र का विस्तार किया जा रहा है संयंत्र अपने तीसरी यूनिट के विस्तार में लगा हुआ है जिसमें काम करने के लिए बाहरी राज्यों के मजदूरों को काम में लिया जा रहा है बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों को तुरंत काम में रख लिया जाता है, वही स्थानीय मजदूरों को आश्वासन देकर भगा दिया जाता है समय-समय पर युवा बेरोजगारों द्वारा इसका विरोध किया गया है परंतु संयंत्र के आला अधिकारीयों द्वारा युवा बेरोजगारों को फर्जी केस में फसा दिया जाता है जिसके कारण युवा बेरोजगारों एवं ग्राम वासियों में भय व्याप्त है।

क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि संयंत्र विस्तार के लिए जब जमीन ली जाती है तो सयंत्र के आला अधिकारियों द्वारा स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की बात पर जोर दिया जाता है साथ ही प्रभावित ग्रामों को जमीनी स्तर की बुनियादी सुविधा मुहैया कराने की बात कही जाती है परंतु संयंत्र लगते ही सारे वादे किस हवा में कंहा गुम हो जाते है पता ही नही चलता जो कि सयंत्र के कथनी और करनी में पूरी तरह से फिसड्डी साबित होते हैं ।गांव में अधिकांश युवा बेरोजगार काम की तलाश में इधर-उधर घूम रहे हैं जबकि गांव में इतने बड़े संयंत्र का विस्तार किया जा रहा है ।
बता दें कि 6 माह पूर्व अंबुजा अडानी सीमेंट सयंत्र के द्वारा ग्राम भद्रापाली में जनसुनवाई लगाया गया था। जिसमें ग्रामीणों द्वारा बेरोजगारी एवं बुनियादी सुविधाओं को लेकर स्थानीय कलेक्टर के सामने जोर-सोर से बात रखा गया था कि प्रभावित ग्रामों की बुनियादी सुविधाओं को एवं युवा बेरोजगारों को संयंत्र में काम दिया जाएगा वहीं बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा परंतु आज तक संयंत्र के अधिकारियों द्वारा कोई पहल नहीं किया गया है। जो कि सरासर रोजगार अधिनियम को ठेंगा दिखा रहा है, इतना ही नही जिला मुख्यालय में बैठे प्रशासनिक अधिकारी भी इस पर कन्नी काट रहे है। वंही स्थानिय लोगो को प्लांट के विस्तार में पड़े लिखे बेरोजगार युवकों को रोजगार नही मिलने पर विभिन्न संगठनों ने आवाज बुलंद करने की ठानी है।

(सहयोगी- रूपेश वर्मा)

समदर्शी प्रियम
समदर्शी प्रियमhttps://hindi.khabaribhayiya.com/author/samdarshipriyam/
समदर्शी प्रियम, पत्रकारिता के क्षेत्र मे पांच साल पहले बिहार से मुखिया जी पत्रिका से शुरुआत, नवभारत टाइम्स में स्वतन्त्र ब्लॉग लेखन, डिजिटल प्लेटफॉर्म इंसाइडर लाईव में सब-एडिटर। सतत सीखने की इच्छा बेहतर होने का साधन है।

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