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तुम्हारा औकात मेरा नाम पूछने का है… थानेदार ने डॉक्टर को धमकाया, बेतिया के एसपी डीएसपी कब लेंगे एक्शन?

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पूरा मामला बिहार के बेतिया जिला के नौतन थाना का है। जहां एक थानेदार पर उच्च अधिकारी पांच दिन बाद भी कार्रवाई के नाम पर खाना पूर्ति और टाल मटोल कर रहे हैं। जांच के नाम पर बस प्रक्रिया जारी है। लेकिन एक्शन के नाम पर नील बट्टा सन्नाटा। अब हालात यह बनते जा रहा है कि डॉक्टर हड़ताल पर जाने को तैयार है। आईये पूरा मामला समझते हैं कि क्या है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर को थानेदार ने फोन कर के ना सिर्फ गाली दी बल्कि औकात और भारी बेइज्जत तक कर डाली।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिवराजपुर से दो पक्ष आपस में मारपीट कर के नौतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ईलाज करवाने पहुंचे थे। लेकिन दोनों पक्ष अस्पताल में भी गाली गलौज और झगड़ा कर रहे थे। डॉक्टर ने जब मना किया तो एक पक्ष की महिला ने डॉक्टर को धमकी देते हुए कहा कि आपको पता नही है कि हम सपा (समाजवादी पार्टी) के यहां काम करती हूं। अस्पताल में हंगामा होने के बीच चिकित्सक ने गार्ड को थाने में फोन कर के पुलिस को बुलाने को कहा। लेकिन काफी देर हो जाने के बाद पुलिस नही आई। देर होने पर डॉक्टर भगवान लहरी ने थानाध्यक्ष को फोन किया। जिसका ऑडियो वायरल हो गया।

थानाध्यक्ष से डॉक्टर भगवान लहरी ने फोन पर कहा कि बहुत देर पहले फोन करवाया था। यहां दो पक्ष आपस में गाली गलौज और झगड़ा कर रहे हैं। आप अभी तक क्यों नही आए। उधर से थानेदार ने कहा कि हम क्यों आए? इसके बाद डॉक्टर भगवान लहरी ने थानाध्यक्ष से नाम पूछा तो थानेदार साहब एकदम से भड़क गए। और कहा कि नौतन थाने का एसएचओ बोल रहा हूं। तुम हमसे मेरा नाम पूछ रहा है? तुम मुझसे मिल जाएगा न तब पता चलेगा कि हम कौन हैं और मेरा सोशल स्टेटस क्या है। और थानेदार गाली गलौज भी करने लगे। तुम्हारा औकात मेरा नाम पूछने का है। तुमको नही पता कि तुम किसके पास फोन किये हो।

गाली गलौज और अभद्र भाषा का डॉक्टर द्वारा रिकॉर्ड की गई ऑडियो को उच्च अधिकारी को सौंपते हुए कार्रवाई करने की मांग की गई। लेकिन पांच दिन से ज्यादा हुए थानेदार पर कोई एक्शन नही लिया गया। पश्चिम चंपारण के डीएम दिनेश कुमार ने इस घटना का संज्ञान लिया और बेतिया के एसपी अमरकेश को जांच करने का आदेश दिया। लेकिन अभी तक जांच चल ही रही है। रिजल्ट कुछ नही निकला।

डॉक्टर भगवान लहरी ने इसकी शिकायत बिहार आईएमए से भी की है। फिलहाल बेतिया के सारे डॉक्टर काला बिल्ला लगा कर काम कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे। डॉक्टरों का आरोप है कि इस मामले में पुलिस लापरवाही कर रही है। पांच दिन से ज्यादा हो गए पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

समदर्शी प्रियम
समदर्शी प्रियमhttps://hindi.khabaribhayiya.com/author/samdarshipriyam/
समदर्शी प्रियम, पत्रकारिता के क्षेत्र मे पांच साल पहले बिहार से मुखिया जी पत्रिका से शुरुआत, नवभारत टाइम्स में स्वतन्त्र ब्लॉग लेखन, डिजिटल प्लेटफॉर्म इंसाइडर लाईव में सब-एडिटर। सतत सीखने की इच्छा बेहतर होने का साधन है।

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